भारत में लोगों के कई प्रकार होते हैं, वहाँ भी शादी के कई प्रकार हैं. आज हम हिन्दू की शादियो के बारे में बात करेंगे. वहाँ एक हिन्दू की शादी में तेरह पूजा हैं.
पारंपरिक हिंदू शादी पुरानी चीज़ें किया जाता है, चीजें से वैदिक दिनों हैं. उसके अनुसार हिन्दू की शादी संस्कृत भाषा में हैं.पहले शादी से अंगूठी की रस्म है. इस रस्म में एक शपथ दिया जाती हैं. शपथ दोनों कहा और लिखा है. इस रस्म के बाद मेहंदी है. मेहंदी में दुल्हन के हाथों में मेंहदी में पेंट करता हैं. अगला संगीत रस्म हैं.
संगीत उसका नाम के तरह है. गाने में दुल्हन के आसपास गीत हैं.
वारा सत्कारह में दूल्हा दुल्हन का घर से आता है. उसे दुल्हन की माँ का स्वागत करता है.
अगला, मधुपर्क सरेमोनी हैं. एस रस्म में दूल्हा, दुल्हन के पिता से उपहार दिया जाता है. कन्या दान रस्म में उसके पिता ने दुल्हन दूल्हे को दिया जाता है. अगला विवाह होमा आग रस्म है. तब पानी ग्रहण हैं. यहाँ दूल्हा अपनी पत्नी के लिए दुल्हन लेती है. उसके अनुसार आग के आसपास दूल्हे और दुल्हन की पैदल है.
शिला आरोहन में मां बेटी को सलाह देता है.
होमह लजा में दूल्हे और दुल्हन आग में चावल दे जबकि वह अपनी हथेलियों उसके ऊपर रहती है.
परिक्रमा दुल्हन और दूल्हे में आग आसपास की सात बार पैदल हैं.
जब दूल्हे और दुल्हन अपने कपड़े के साथ टाई यह सप्तपदी कहा जाता है.
पानी देने और ध्यान अभिषेक में होता है
अन्ना प्राशन में जोड़े आग और एक दूसरे का खाना देना.
जब बड़ों के आशीर्वाद दे...तो आशीर्वाद की रस्म हो रहा है. इन तेरह एक शादी के चरणों में हैं.
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